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#इन्दु_बाला_सिंह
मेरे पिता ने तीन आम का पेड़ लगाया था । कहते हैं कोई जाता है तो उसके अंतिम संस्कार में एक पेड़ की लकड़ी लग जाती है । तीसरा पेड़ लगता है वो मेरे नाम का लगा था । मैं अकेली थी । मेरी चिंता भी मेरे पिता को थी ।
My 6th of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी, कहानियों का पेड़, ek chouthayee akash, बोलते चित्र, Beyond Clouds, Sansmaran, Indu's World.
मेरे पिता अमर नाथ सिंह ने हिंदी व्याकरण की अभ्यास पुस्तिका लिखी थी नवीं और दसवीं कक्षा के लिये। वे इस्पात इंग्लिश मीडियम स्कूल, राउरकेला के ...
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