बारहवें तल्ले से मैं लिफ्ट नंबर 2 में चढ़ी एक मिनट में ही लिफ्ट में कुछ अनाउंसमेंट करने लगा ।
मुझे कुछ समझ में ही न आया । मैं डर के लिफ्ट देख रही थी । पर लिफ्ट चलती जा रही थी ।
लिफ्ट सीधे ग्राउंड फ्लोर में रुकी । मैं निकली तभी एक हॉकर अपनी पीठ पर पच्चीस किलो चावल की बोरी ले के घुसने लगा लिफ्ट में ।
मैने कहा - लिफ्ट में कुछ बोल रहा है ।
वह हॉकर डर के बाहर निकल गया ।
मैने उस हॉकर से सिक्योरिटी को कंप्लेन करने कहा ।
उस हॉकर ने कहा अभी अभी तो सिक्योरिटी गार्ड दौड़ का अंदर ऑफिस की तरफ भागा है ।
लिफ्ट नंबर 2 बंद ही नहीं हो रही थी ।
कुछ लोग कहने लगे लिफ्ट के पास कोई दिया जलाया होगा या धूपबत्ती रखा होगा ।
यह बिगड़ी लिफ्ट में मेरा दूसरा अनुभव था ।
अब तो मैं लिफ्ट में हर समय चौकन्नी रहती हूं ।
फिर खुद पर हंसती हूं । मेरे चौकन्नी रहने से जैसे बिगड़े लिफ्ट की समस्या जैसे ठीक हो जाएगी ।
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