Sansmaran
My 6th of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी, कहानियों का पेड़, ek chouthayee akash, बोलते चित्र, Beyond Clouds, Sansmaran, Indu's World.
Friday, 24 October 2025
अभ्यास पुस्तिका का अंत
Thursday, 12 June 2025
लिफ्ट में अनाउंसमेंट
दूरदर्शन और इंदिरा गांधी
Monday, 27 January 2025
Saturday, 25 January 2025
पुस्तकों के बीच खिलता यौवन
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#इन्दु_बाला_सिंह
मेरे पिता sail के ISE स्कूल में हिन्दी टीचर थे । उन्होंने स्कूल की लाइब्रेरी में बहुत सारा हिन्दी साहित्य रखवाया था ।
हमारे समय में बोर्ड परीक्षा दिसम्बर में होती थी । कॉलेज एडमिशन जून में होता था । स्कूल लाइब्रेरी से किताबों का बोझा साइकिल में ले के घर आती थी और पढ़ कर वापस करती थी ।इस तरह मैंने बहुत सा हिंदी साहित्य पढ़ा ।
फिर मेरे पिता का ट्रांसफ़र दूसरे स्कूल में हेडमास्टर बना कर हुआ । वहाँ भी हिन्दी साहित्य भरा था । वहीं मैंने प्रेमचन्द्र , बंकिम चन्द्र और शरत् चन्द्र का साहित्य पढ़ा ।
कुछ हिन्दी के अध्यापक स्कूल की लाइब्रेरी में हिन्दी साहित्य रखवाते थे ।
हमारे घर में कादंबिनी और फेमिना ( अंग्रेज़ी का ) पत्रिकायें और हिंदुस्तान टाइम्स ( अंग्रेज़ी का ) आता ही था ।
इन पुस्तकों का मेरे जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ा ।
मुझे आज भी लगता है कि नौकरी न करनेवाली महिलायें जो पुस्तकें , पत्रिकायें , अख़बार पढ़ती हैं वे बहुत ज्ञानी होती हैं ।
एक पेड़ ज़रूर लगायें
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#इन्दु_बाला_सिंह
मेरे पिता ने तीन आम का पेड़ लगाया था । कहते हैं कोई जाता है तो उसके अंतिम संस्कार में एक पेड़ की लकड़ी लग जाती है । तीसरा पेड़ लगता है वो मेरे नाम का लगा था । मैं अकेली थी । मेरी चिंता भी मेरे पिता को थी ।
अभ्यास पुस्तिका का अंत
मेरे पिता अमर नाथ सिंह ने हिंदी व्याकरण की अभ्यास पुस्तिका लिखी थी नवीं और दसवीं कक्षा के लिये। वे इस्पात इंग्लिश मीडियम स्कूल, राउरकेला के ...
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बारहवें तल्ले से मैं लिफ्ट नंबर 2 में चढ़ी एक मिनट में ही लिफ्ट में कुछ अनाउंसमेंट करने लगा । मुझे कुछ समझ में ही न आया । मैं डर के लिफ्ट दे...